ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने उत्तरप्रदेश जल निगम सहित एक निजी कंपनी पर लगाया आठ लाख का जुर्माना, जानिए निरिक्षण के दौरान क्या क्या मिली खामिया?

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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बड़ी कार्यवाही उत्तरप्रदेश जल निगम व निजी फर्म पर 8 लाख का जुर्माना

ग्रेटर नोएडा – ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश जल निगम और नोएडा की फर्म एचएनबी इंजीनियर्स पर 8 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। प्राधिकरण के महा प्रबंधक सीवर जितेंद्र गौतम ने अलग- अलग जगहों का औचक निरीक्षण किया। वही निरिक्षण के दौरान खामियां मिलने पर यह कार्रवाई की। उन्होंने इन खामियों को दूर करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। उसके बाद और कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।

आपको बता दें कि यह कारवाई ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर सीवर विभाग के महाप्रबंधक जितेंद्र गौतम ने अपने टीम के साथ सेक्टर इकोटेक 3 स्थित 20 एमएलडी एसटीपी प्लांट का निरीक्षण किया। जितेंद्र गौतम ने बताया कि इस एसटीपी का संचालन और रखरखाव नोएडा की फर्म एचएनबी इंजीनियर्स कर रही है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से स्लज का उचित निस्तारण नहीं किया जा रहा। एसटीपी परिसर की साफ-सफाई भी ठीक नहीं मिली। पंपिंग स्टेशन का एक पंप खराब मिला। इसके अलावा कई अन्य खामियां मिलने पर एचएनबी इंजीनियर पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

महाप्रबंधक सीवर ने किया निरीक्षण, खामी मिलने पर की कार्रवाई

उन्होंने बताया कि एचएनबी इंजीनियर्स ही कासना स्थित 137 एमएलडी एसटीपी प्लांट का भी संचालन और रखरखाव कर रही है। यहां निरीक्षण के दौरान परिसर में साफ-सफाई नहीं मिली। स्लज का निस्तारण नहीं किया जा रहा। प्राइमरी यूनिट के विद्युत उपकरण के कवर खराब मिले। परिसर की सड़क क्षतिग्रस्त पाई गई। सीसीटी यूनिट के आसपास भी सफाई नहीं मिली, जिसके चलते फर्म पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

खामियां दूर करने को एक सप्ताह का मौका, फिर होगी और कड़ी कार्रवाई

जितेंद्र गौतम ने बताया कि उत्तर प्रदेश जल निगम पर भी पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जल निगम की तरफ से कासना स्थित 137 एमएलडी एसटीपी के मास्टर पंपिंग स्टेशन का संचालन व मेनटेनेंस किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान इस एसटीपी के सम्पवेल पर सफाई नहीं पाई गई। फ्लो मीटर, पैनल और डीजी सेट खराब मिला। केबल डक्ट क्षतिग्रस्त पाई गई। सम्पवेल में सीवरेज का लेवल मापने के लिए इंडिकेटर नहीं मिला, जिसके चलते जल निगम पर पांच लाख रुपए की पेनल्टी लगाई गई। उन्होंने बताया कि इन सभी फर्मों को एक सप्ताह में सभी खामियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। दोबारा निरीक्षण करने पर ये खामियां पाई गई तो और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।